बल्लतल्ल पारित हुइल सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके बजेटसे विवाद साम्य पर्नाके सँगमे साटो राजनीतिक संकट थप गहि¥याइल बा ।
बजेट सार्वजनिक हाके सत्तारूढ नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) भित्रर रहल असन्तुष्टि पारित होके नेकपा एमालेमे सारल बाटै । उहा प्रमुख प्रतिपक्षी नेपाली कांग्रेससे बजेट निर्माणमे कमजोरी हुइल अर्थमन्त्रीकै स्वीकारोत्तिहे आधार बनाके मुख्यमन्त्रीसहित मन्त्रीहुकन राजीनामे मागल बाटै ।
बजेटमे बिचौलिया हाबी हुइल, कमिसन केन्द्रित योजना समावेश करल ओ बजेट निर्माणमे अनधिकृत हस्तक्षेप हुइल आरोपसे सुरु हुइल विवाद आबे छानबिन, राजीनामे ओ पार्टीभित्ररके कारबाहीसम्म पुगल बाटै । प्रदेश सरकारसे विवादित बजेटउपर संसदीय छानबिन कर्ना ओ ओकर प्रतिवेदनके आधारमे पूरक बजेट लन्ना सहमति कैके फेन ओकर राजनीतिक असन्तुष्टि मत्थर परे सेकल नैहो ।
चालु आर्थिक वर्ष सुरु हुइल झन्डै तीन महिनापाछे बल्ल बजेट लन्ना सरकारहुक्र ओकर पारित करै पर्ना भारी राजनीतिक कसरत कर्ले बाटै । बजेटविरुद्ध प्रस्ताव दर्ता कर्ना तयारीमे रहल आफ्न दलके असन्तुष्ट सांसदहे छानबिन ओ पूरक बजेटके आश्वासन देके मुख्यमन्त्री खगराज भट्ट तत्कालके लाग मनैना सफल होके । तर, बजेट पारित हुइना लगत्तै औरे सत्ता साझेदार एमालेभित्ररके असन्तुष्टि सतहमे आइल ।
बजेटमै असन्तुष्ट एमाले प्रदेशसभा सदस्य ओ पूर्वमन्त्री वीरबहादुर थापा पदसे राजीनामे देहेल बाटै । उहा सभामुखसमक्ष राजीनामे बुझाइल बाटै । अस्तके , बजेट पारित कर्ना प्रदेशसभा बैठक बहिष्कार करल आपन सांसदहुकनके उपर एमालेहुक्र कारबाही प्रक्रिया आघ बढैना बतैल । पार्टीहुक्र सामाजिक विकास समिति सभापतिसमेत रहल सांसद धर्मराज पाठकहे सभापति पदसे फिर्ता बोलैना निर्णय कर्ती सभामुख भीमबहादुर भण्डारीहे पत्र पठाइल बाटै ।
बजेटके पक्षमे मतदान क्नर््ँ पार्टीहुक्र जारी करल ह्विप उल्लङ्घन करल कैके एमालहुक्र पाठकसँग स्पष्टीकरणसमेत मागल बाटै । बजेट पारित कर्ना आघे एमाले संसदीय दलहुक्र आपन सांसदहे बैठकमे अनिवार्य उपस्थित हुइना, बजेटके पक्षमे मतदान कर्ना ओ तटस्थ नैबैठ्ना निर्देशन देहेल रहे । तर, पाठक बैठकम अनुपस्थित हुइल रहे ।
बजेट पारितपाछे फेन विवाद थप हुइल एकथो प्रमुख कारण हो—आर्थिक मामिलामन्त्री चक्र मल्लके प्रदेशसभामै आइल अभिव्यक्ति। मंगलबारके बैठकमे उहा बजेट आप्नह चाहल अनुसार कैसीके बने नैसेकल कना आप्नह थाहा नैहोके ओ विभिन्न पक्षके
हस्तक्षेप ओ स्वार्थके कारण बजेट गन्जागोल हुइल आशय व्यक्त कर्ल । बजेट निर्माणके जिम्मेवारी सम्हालल मन्त्रीकै अभिव्यक्तिहुक््र बजेटउपरके प्रश्नहे थप गम्भीर बनाइल बाटै ।मन्त्री मल्लके यहे अभिव्यक्तिहे आधार बनाके कांग्रेससे मुख्यमन्त्री भट्टसहित मन्त्रीहुकनके राजीनामे मागल बाटै । पूर्वमुख्यमन्त्रीसमेत रहल कांग्रेस संसदीय दलके नेता कमलबहादुर शाह बजेटमे कमजोरी हुइल अर्थमन्त्रीहुक्र स्वीकार करल अवस्थामे नैतिक रूपमे पदमे बैठल रह नैमिल्ना तर्क कर्ले बाटै । कांग्रेसके प्रश्न बजेटमे कमजोरी हुइल कि नैहुइल कना मे किल सीमित नैहो ।
बजेट निर्माणमे त्रुटि हुइल स्वीकार कर्ना मन्त्री ओ ओ नेतृत्व कर्ना मुख्यमन्त्री नै छानबिनके अवधिमे पदमे रहके निष्पक्ष छानबिन हुइत कि हुइत कना प्रश्न फेन कांग्रेसहुक्र उठाइल बाटै । विवादित बजेटउपर संसदीय छानबिन कर्ना निर्णय होके ओकर नैतिक जिम्मेवारी सरकारहुक्र लेहेपर्ना शाहके माग बा ।
विवाद साम्य पर्ना प्रदेशसभामे सात सदस्यीय संसदीय छानबिन समिति गठन कर्ना ओ कात्तिक २० गतेभित्रर प्रतिवेदन तयार पर्ना निर्णय सुनाइ बाटै । समितिके प्रतिवेदनके आधारमे पूरक बजेट लन्ना सरकारहुक्र घोषणा कर्ले बाटै । विवादकाबीच सुदूरपश्चिम प्रदेशसभासे चालु आर्थिक वर्षके बजेट पारित होगिल बा ।