सुदूरपश्चिमके अग्ला हिमाल आरोहणके लाग खुला बा , अनुमति शुल्क फेन नैलागत । तर, आरोहीहे हिमालके शिखरसम्म पुगैना स्पष्ट मार्गकै अभाव बा । यहे समस्या हटै लाग प्रदेश सरकारसे अपि ओ साइपाल हिमालके आरोहण मार्ग पहिचान कर्ना योजना आघे सारल बा । ओकर लाग चालु आर्थिक वर्षके बजेटमे २० लाख रुपैयाँ विनियोजन कर्ले बाटै ।
उद्योग, पर्यटन, वन ओ वातावरण मन्त्रालयअन्तर्गतके प्रदेश पर्यटन विकास कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाइमार्फत उक्त योजना कार्यान्वयन कर्नाबाट । सुदूरपश्चिमके सबसे ज्यादा अग्लो अपि हिमाल ७ हजार १३२ मिटर उचाइमे बा । यस्ते, साइपाल हिमाल ७ हजार ३१ मिटर ओ जेठी बहुरानी हिमाल ६ हजार ८५० मिटर अग्ला बा ।
नेपाल सरकारस एक वर्षसे सुदूरपश्चिमके २३ थो हिमाल आरोहणके लाग निःशुल्क अनुमति देना व्यवस्था कर्ले बाटै । तर, अनुमति शुल्क नैलग्ना व्यवस्था हुइलेसे फेन स्पष्ट आरोहण मार्गके अभावमे आरोही आकर्षित हुइ सेकल नैहो । तबे हिमालसम्म पुग्ना सम्भावित डगर पहिचानहे पर्यटन प्रवद्र्धनके महत्त्वपूर्ण आधारके रूपमे हेर्ती बा ।
यकर आघ असार १ गते प्रदेशसभामे प्रस्तुत बजेटम अपि, साइपाल ओ जेठी बहुरानी हिमालके आरोहण मार्ग पहिचानके लाग पाँच करोड रुपैयाँ विनियोजन कर्ले रहे । तर, उक्त बजेट पारित हुइ नैसेकल । आर्थिक वर्ष सुरु हुइल तीन महिनापाछे नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्वके प्रदेश सरकारसे लानल बजेटमे अपि ओ साइपालके मार्ग पहिचानके लाग २० लाख रुपैयाँ किल छुट्याइल बाटै ।