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मङ्गल, १० कात्तिक २०८३
भोटेकोशी बाढीके १६ घाइते उपचाररत, पाँच आईसीयूमे
बिहि, ११ भदौ २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 97 0

जल विज्ञान ओ जलस्रोत अनुसन्धान केन्द्रमे सम्भावित डुबान क्षेत्रके सर्वसाधारण अभीन उच्च सतर्कता अपनाइ पर्ना जनाइले बाटै ।  केन्द्रके प्रवक्ता डा राजन भट्टराई बुधबार गील भोटेकोशी बाढी प्रभावित क्षेत्रके नदी किनार, तल्लो भूभाग ओ सम्भावित डुबान क्षेत्रमे रहल नागरिकहे अर्को सूचना जारी नैहूइत सम्म उच्च सतर्कता अपनैना सुरक्षित ओ अग्लो स्थानमे रहना आग्रह कर्ले बाटै । 
“घटनाके कारणबारे थप स्पष्ट हुइना सो क्षेत्रमे रहल हिमताल, हिमनदी ओ समग्र हिम क्षेत्रके सूक्ष्म अध्ययन हूइती बा ।,” उहा कलै , “नदी आसपास अनावश्यक आवतजावत नैकर्ना ओ महाशाखासे जारी हुइना सूचना ओ निर्देशन पालना कर्ना समेत अनुरोध कर्तू ।” बिहान ८ः४० बजे नेपाल–चीन सीमा क्षेत्र रसुवागढी नाकासे करिब २० किलोमिटर उत्तरपूर्वमे गील हिम–चट्टान पहिरोके कारण ल्हेन्दे खोलामे गेग्रानसहितके भारी बाढी आइल प्रारम्भिक अध्ययनसे देखैले बा ।

तिब्बततर्फसे भोटेकोशी नदी हुइती आइल उक्त बाढी रसुवागढी, टिमुरे ओ स्याफ्रुबेँसी हुँइती त्रिशूली नदीमे प्रवेश कर्के रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा ओ चितवन जिल्लाके त्रिशूली नदी तटीय क्षेत्रमे गम्भीर जोखिम ओ सङ्कटपूर्ण अवस्था सिर्जना हूइल  प्राधिकरणहूक्रे जनाइल बाटै ।  बाढीके कारण नदी तटीय क्षेत्रके विभिन्न स्थानमे भारी जनधनके क्षति हूइल प्रारम्भिक अनुमान लगाइले बाटै ।







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