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बुध, ११ कात्तिक २०८३
बिजुलीम भ्याटबारे दुई थरीके धारणा
मङ्गल, ०६ असोज २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 60 0

आर्थिक वर्ष २०८३÷८४ के बजेटम विद्युत् महसुलम लगाइल मूल्य अभिवृद्धि कर (भ्याट) हटैना बारे दुई थरी के बात  आइल बा । 
ऊर्जा, जलस्रोत ओ सिँचाइमन्त्री विराजभक्त श्रेष्ठ अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेसँगके छलफलम ओसिन भ्याट हटैना सैद्धान्तिक सहमति हूइल कैके सोमबार उल्लेख कर्ले रहित ।  तर, अर्थमन्त्रीके सचिवालयहूक्र  सोमबार सन्झ्या सम्म कोनो परामर्श नैहूइल स्पष्ट कर्ले बा । 
अर्थमन्त्रीके प्रमुख स्वकीय सचिव नवीन ढुङ्गाना ‘विद्युत् महसुलम भ्याट फिर्ता कर्ना सैद्धान्तिक सहमति कति किल अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेके नाम जोड्के करल प्रचारप्रसारप्रति अर्थमन्त्रीके सचिवालयके ध्यानाकर्षण हूइल’ जनाइल बाटै ।
उहाँ प्रचारप्रसार करल जस्ते  माननीय अर्थमन्त्रीज्यू उक्त विषयम छलफल कर्ना आइतबार साँझके ओ गील साता कोनो भेटघाट ओ छलफल कर्ना नैहूइल स्पष्ट पर्ल बाट । 

विद्युत्के भ्याट सन्दर्भम अर्थमन्त्री प्रतिनिधि सभा ओ राष्ट्रिय सभा बैठकम धरल धारणा अनुसार यहे विषयके थप सहजीकरण ओ उपभोक्ताहूकन राहत देना सन्दर्भम मातहतके निकायसे छलफल ओ अध्ययन हूइती रहल स्पष्ट पारल बाटै । 
बजेटम गार्हस्थ उपभोक्ताहूकन ५० युनिटसे उपर पाँच प्रतिशत ओ व्यावसायिक उपभोक्ताहूकन १३ प्रतिशत मूल्य अभिवृद्धि कर लगाइल रहित । ओकर आलोचना हुँइती आइल बा ।    

 

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