आर्थिक वर्ष २०८३÷८४ के बजेटम विद्युत् महसुलम लगाइल मूल्य अभिवृद्धि कर (भ्याट) हटैना बारे दुई थरी के बात आइल बा ।
ऊर्जा, जलस्रोत ओ सिँचाइमन्त्री विराजभक्त श्रेष्ठ अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेसँगके छलफलम ओसिन भ्याट हटैना सैद्धान्तिक सहमति हूइल कैके सोमबार उल्लेख कर्ले रहित । तर, अर्थमन्त्रीके सचिवालयहूक्र सोमबार सन्झ्या सम्म कोनो परामर्श नैहूइल स्पष्ट कर्ले बा ।
अर्थमन्त्रीके प्रमुख स्वकीय सचिव नवीन ढुङ्गाना ‘विद्युत् महसुलम भ्याट फिर्ता कर्ना सैद्धान्तिक सहमति कति किल अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेके नाम जोड्के करल प्रचारप्रसारप्रति अर्थमन्त्रीके सचिवालयके ध्यानाकर्षण हूइल’ जनाइल बाटै ।
उहाँ प्रचारप्रसार करल जस्ते माननीय अर्थमन्त्रीज्यू उक्त विषयम छलफल कर्ना आइतबार साँझके ओ गील साता कोनो भेटघाट ओ छलफल कर्ना नैहूइल स्पष्ट पर्ल बाट ।
विद्युत्के भ्याट सन्दर्भम अर्थमन्त्री प्रतिनिधि सभा ओ राष्ट्रिय सभा बैठकम धरल धारणा अनुसार यहे विषयके थप सहजीकरण ओ उपभोक्ताहूकन राहत देना सन्दर्भम मातहतके निकायसे छलफल ओ अध्ययन हूइती रहल स्पष्ट पारल बाटै ।
बजेटम गार्हस्थ उपभोक्ताहूकन ५० युनिटसे उपर पाँच प्रतिशत ओ व्यावसायिक उपभोक्ताहूकन १३ प्रतिशत मूल्य अभिवृद्धि कर लगाइल रहित । ओकर आलोचना हुँइती आइल बा ।