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मङ्गल, १० कात्तिक २०८३
बाजुराके स्याउ दशैंसम्म धनगढीम,पेटि ओ खुद्राम समेत बिक्री हुइना
सोम, १२ असोज २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 44 0

बाजुराके स्वामीकार्तिक खापर गाउँपालिकाम उत्पादित स्याउ धनगढीम बिक्री हुइ लागल बा । स्थानीय उत्पादनहे बजार देना उद्देश्यले तीन जाने किसानहूकन करिब ५ सय ५० पेटी स्याउ धनगढी लानल बाट । तर, धनगढी पूग्लसे माग करल व्यापारी सम्पर्कम नैएैलसे किसानहूकन स्याउ बिक्री कर्ना समस्या हूइल रह । 
बाजुरासे धनगढीसम्मके कठिन यात्रा पार कैके स्याउ लन्लसे फेन लगातारके वर्षाके कारण बजारीकरणम थप समस्या देखाइल किसानके भनाइ बा ।स्याउके माग कैके धनगढी पठैलसे व्यापारी सम्पर्क म नैआके किसानहूक्र आप्नेही धनगढीम बिक्रीवितरण करल बाट । समाचार माध्यमम व्यापारीहूक्र ठगल कैके  गुनासो बढ्के उक्त सम्बन्धित व्यापारीहूक्र पाछे १ सय ३० पेटी स्याउ खरिद करल बताइल बाट । आब  बाँकी रहल स्याउ  धनगढीके विभिन्न स्थानसे बिक्री हूइती बा ।

हाल धनगढीके सकम्बरीम रहल बिक्री केन्द्र ओ उपमहानगरपालिका कार्यालय आघक बन्देवी मन्दिरलग्घके सञ्चालन हूइल हाटबजारसे बाजुराके स्याउ थोक ओ खुद्रा मूल्यम बिक्री हूइती रहल बा । 
रुपाली कृषि फर्म प्रा.लि.के सञ्चालक दानबहादुर रावल किसान कठिन यात्रा कैके धनगढी लानल स्याउ खरिद कैके स्वदेशी उत्पादनहे प्रोत्साहन कर्ना उपभोक्ताहूकन आग्रह कर्ल बाट ।  उहाके अनुसार बाजुराम उत्पादन हूइल स्याउसे उचित बजार नैपाके कौनो अवस्थाम बारीम कुहना अवस्था बा ।
स्थानीय उत्पादनके बजारीकरणके लाग सरकारी ओ निजी क्षेत्रसे सहयोग आवश्यक रहल रावलके भनाइ बा । किसानके उत्पादन खेर जाइ नैदेहेलाग  सरकार चिस्यान केन्द्र, स्याउ ग्रेडिङ मेसिन ओ कृषि एम्बुलेन्सके व्यवस्था करपर्ना उहा माग कर्ल  ।
प्रदेशके कृषि मन्त्री दामोदरबहादुर भण्डारी ओ सामाजिक विकास मन्त्री सन्तोष शर्मा थापा किसानके समस्या समाधानके लाग आश्वासन देहेल उल्लेख कर्ती रावल सरकारहूक्र किसानके समस्या सम्बोधन कर्ना अपेक्षा व्यक्त कर्ल बाट । 
धनगढीके हाटबजारसे बाजुराके स्याउ खरिद करल तारानाथ पनेरु बाजुराम उत्पादित स्याउ स्वादिलो हुइनाके सगँ स्वास्थ्यके लाग समेत मजा रहल बतैल  । स्थानीय उत्पादनके प्रवद्र्धनम सब क्षेत्रसे सहयोग आवश्यक रहल  उहाके  भनाइ बा ।
कृषि उत्पादनमार्फत आयआर्जनके अवसर सिर्जना कैके युवाकन स्वदेशमै स्वरोजगार बनाइ सेक्ना कैके पनेरु स्थानीय उत्पादनके प्रयोग ओ प्रवद्र्धनम उपभोक्ता ओ सम्बन्धित निकायके भूमिका महत्वपूर्ण हूइना बतैल ।
बाजुराके स्याउ धनगढीसम्म एैलसे  उचित बजार ओ भण्डारणके अभाव किसानके लाग मुख्य चुनौती बनल बा । किसानहूक्र उत्पादन करल स्याउ खेर जैइ नैदेहेलाग बजार व्यवस्थापनसँगे चिस्यान केन्द्र, ग्रेडिङ ओ ढुवानीके व्यवस्था करे सेक्लसे  स्थानीय कृषि उत्पादनहे थप प्रवद्र्धन करे सेक्ना  देखाइत ।



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