बाजुराके स्वामीकार्तिक खापर गाउँपालिकाम उत्पादित स्याउ धनगढीम बिक्री हुइ लागल बा । स्थानीय उत्पादनहे बजार देना उद्देश्यले तीन जाने किसानहूकन करिब ५ सय ५० पेटी स्याउ धनगढी लानल बाट । तर, धनगढी पूग्लसे माग करल व्यापारी सम्पर्कम नैएैलसे किसानहूकन स्याउ बिक्री कर्ना समस्या हूइल रह ।
बाजुरासे धनगढीसम्मके कठिन यात्रा पार कैके स्याउ लन्लसे फेन लगातारके वर्षाके कारण बजारीकरणम थप समस्या देखाइल किसानके भनाइ बा ।स्याउके माग कैके धनगढी पठैलसे व्यापारी सम्पर्क म नैआके किसानहूक्र आप्नेही धनगढीम बिक्रीवितरण करल बाट । समाचार माध्यमम व्यापारीहूक्र ठगल कैके गुनासो बढ्के उक्त सम्बन्धित व्यापारीहूक्र पाछे १ सय ३० पेटी स्याउ खरिद करल बताइल बाट । आब बाँकी रहल स्याउ धनगढीके विभिन्न स्थानसे बिक्री हूइती बा ।
हाल धनगढीके सकम्बरीम रहल बिक्री केन्द्र ओ उपमहानगरपालिका कार्यालय आघक बन्देवी मन्दिरलग्घके सञ्चालन हूइल हाटबजारसे बाजुराके स्याउ थोक ओ खुद्रा मूल्यम बिक्री हूइती रहल बा ।
रुपाली कृषि फर्म प्रा.लि.के सञ्चालक दानबहादुर रावल किसान कठिन यात्रा कैके धनगढी लानल स्याउ खरिद कैके स्वदेशी उत्पादनहे प्रोत्साहन कर्ना उपभोक्ताहूकन आग्रह कर्ल बाट । उहाके अनुसार बाजुराम उत्पादन हूइल स्याउसे उचित बजार नैपाके कौनो अवस्थाम बारीम कुहना अवस्था बा ।
स्थानीय उत्पादनके बजारीकरणके लाग सरकारी ओ निजी क्षेत्रसे सहयोग आवश्यक रहल रावलके भनाइ बा । किसानके उत्पादन खेर जाइ नैदेहेलाग सरकार चिस्यान केन्द्र, स्याउ ग्रेडिङ मेसिन ओ कृषि एम्बुलेन्सके व्यवस्था करपर्ना उहा माग कर्ल ।
प्रदेशके कृषि मन्त्री दामोदरबहादुर भण्डारी ओ सामाजिक विकास मन्त्री सन्तोष शर्मा थापा किसानके समस्या समाधानके लाग आश्वासन देहेल उल्लेख कर्ती रावल सरकारहूक्र किसानके समस्या सम्बोधन कर्ना अपेक्षा व्यक्त कर्ल बाट ।
धनगढीके हाटबजारसे बाजुराके स्याउ खरिद करल तारानाथ पनेरु बाजुराम उत्पादित स्याउ स्वादिलो हुइनाके सगँ स्वास्थ्यके लाग समेत मजा रहल बतैल । स्थानीय उत्पादनके प्रवद्र्धनम सब क्षेत्रसे सहयोग आवश्यक रहल उहाके भनाइ बा ।
कृषि उत्पादनमार्फत आयआर्जनके अवसर सिर्जना कैके युवाकन स्वदेशमै स्वरोजगार बनाइ सेक्ना कैके पनेरु स्थानीय उत्पादनके प्रयोग ओ प्रवद्र्धनम उपभोक्ता ओ सम्बन्धित निकायके भूमिका महत्वपूर्ण हूइना बतैल ।
बाजुराके स्याउ धनगढीसम्म एैलसे उचित बजार ओ भण्डारणके अभाव किसानके लाग मुख्य चुनौती बनल बा । किसानहूक्र उत्पादन करल स्याउ खेर जैइ नैदेहेलाग बजार व्यवस्थापनसँगे चिस्यान केन्द्र, ग्रेडिङ ओ ढुवानीके व्यवस्था करे सेक्लसे स्थानीय कृषि उत्पादनहे थप प्रवद्र्धन करे सेक्ना देखाइत ।