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मङ्गल, १० कात्तिक २०८३
छ महिना सुत्केरी बिदा प्रस्ताव
मङ्गल, ०६ असोज २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 55 0

सरकारी, गैरसरकारी ओ निजी क्षेत्रमे कार्यरत महिला कर्मचारीहूक्र पैना सुत्केरी बिदा बढैलाग सरकारहूक्र प्रस्ताव कर्ले बाटै । सुरक्षित मातृत्व ओ प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार ऐन, २०७५ हे संशोधन करेलाग बनल विधेयकम हालके ९८ दिनके तलबसहितके प्रसूति बिदाहे बढैले बा । महिना पुगाइलाग प्रस्ताव करल बा । स्वास्थ्य ओ खाद्य स्वच्छतामन्त्री निशा मेहता विधेयक प्रतिनिधि सभाम दर्ता कर्ले बाटै । 
विश्व स्वास्थ्य सङ्गठनके शिशु जन्मल छ महिनासम्म शिशुहे आमाके दुध खुवैपर्ना स्वास्थ्यसम्बन्धी मान्यताहे बिदा बढैना आधार सरकारहूक्र लेहेल बाटै । नेपालम पछिल्लो समयम छ महिनासम्म पूर्ण स्तनपान करैना दर घत्ती रहल ओ कामकाजी महिलाहे पर्याप्त समय उपलब्ध करेपर्ना आवश्यकता विधेयकके व्याख्यात्मक टिप्पणीम करल बाटै । प्रस्तावित व्यवस्थाम कहल बा ।, “प्रचलित कानुनम जसीन फेन बाट लीखल रलसे फेन  सरकारी, गैरसरकारी ओ निजी सङ्घ संस्थाम कार्यरत महिलाहूकन सुत्केरी हुइना आघे ओ पाछे कम्तीम छ महिना तलबसहितके प्रसूति बिदा पैना अधिकार हुइना बा ।” 
महिलाहूकन मृतक शिशुहे जन्म देहेल अवस्थाम  यकर आघे कायम बिदाके व्यवस्था यथावत् बा । ९८ दिनके उक्त व्यवस्थाहे विधेयकम यथावत् धरल बा । पुरुष कर्मचारीहूक्र पैती आइल  १५ दिनके प्रसूति स्याहार बिदाहे ४२ दिन बनैना विधेयकम प्रस्ताव कर्ले बा ।  ४२ दिनके बिदा प्रस्तावके आधारमे कलेसे विधेयकम खुलाइल नैहो ।  

चिकित्सके रायबमोजिम प्रजनन स्वास्थ्यम जटिलता होके जटिल शल्यक्रिया करेपर्ना अवस्थाम शल्यक्रियाके आघे ओ पाछे अतिरिक्त ३० दिनके बिदा देहेपर्ना प्रस्ताव फेन विधेयकम कर्ले बाटै । तर प्रसूति बिदा हूइल अवधिम  शल्यक्रियाके हकम अतिरिक्त बिदा नैपैना व्यवस्था प्रस्तावित बा । गर्भावस्थासे सुत्केरी अवस्थासम्म महिलाउपर शारीरिक, मानसिक ओ यौनजन्य हिंसा करे नैमिल्ना  व्यवस्था प्रस्तावित बा । असिन हिंसाहे कसुर परिभाषित कर्ति सजायके व्यवस्था फेन थप कर्ले बाटै । प्रसूति सेवा प्रदान कर्ना स्वास्थ्य संस्थाहूक्र दक्ष स्वास्थ्यकर्मी ओ तालिमप्राप्त प्रसूतिकर्मीसे सेवा देहेपर्ना ओ आर्थिक ओ अन्य कोनो कारण देखाके गर्भवती महिलाहे गर्भवती ओ प्रसूति सेवा देना इन्कार करे नैपैना व्यवस्था फेन विधेयकम उल्लेख बा । 
गर्भपतनके व्यवस्था संशोधन प्रस्ताव
गर्भपतनसम्बन्धी कानुनी व्यवस्थाम फेन संशोधन प्रस्ताव कर्ले बाटै ।  स्वतः हुइना गर्भपतनहे कानुनी रूपम कर्ना गर्भपतनसे अलग कर्ना कैके परिभाषा संशोधन प्रस्ताव कर्ले बा । बलपूर्वक गर्भपतन करैना कार्यहे कसुर परिभाषित कर्ले बा । गर्भपतन करैना क्रमम जित्ती बच्चा जीमत्के तत्काल मृत्यु हूइल ओ गर्भवती महिलाके ज्यान लेना प्रयासके क्रमम गर्भपतन हूइलेसे समेत बलपूर्वक गर्भपतन मन्ना प्रस्ताव विधेयकसे कर्ले बा । विशेष अवस्थाम गर्भपतन करेपैना कानुनी दायराहे समेत विधेयकसे विस्तारके प्रस्ताव कर्ले बा ।  महिलाके ज्यानम खतरा पुग्ना, शारीरिक ओ मानसिक स्वास्थ्यम गम्भीर असर पर्ना अवस्थाम निश्चित अवधिम गर्भपतनके अधिकार देना प्रस्ताव हूइल बा । १८ वर्षसे कम उमेरके बालिका बलात्कार ओ हाडनाता करणीसे गर्भवती हूइल अवस्थाम जसिन अवधिम फेन गर्भपतनके व्यवस्था प्रस्ताव हूइना बा ।

      

 


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