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मङ्गल, १० कात्तिक २०८३
कांग्रेस बैठकसे सभापति थापाके राजनीतिक प्रतिवेदन पारित
सोम, १९ असोज २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 46 0

नेपाली कांग्रेसके सभापति गगनकुमार थापा १५औँ महाधिवेशनके बन्दसत्रम पेस कर्ना राजनीतिक प्रतिवेदन केन्द्रीय कार्यसमिति बैठकसे पारित कर्ल बाटै ।
आगामी चार वर्षके लाग कांग्रेसके राजनीतिक, वैचारिक, सङ्गठनात्मक ओ आर्थिक कार्यदिशा प्रस्तुत करल प्रतिवेदनम विगतके आत्मसमीक्षासे सरकारहूकन खबरदारी, निर्वाचनपूर्व गठबन्धन नैकर्ना नीति, पार्टीके पुनर्संरचना, निजी क्षेत्रसँगके सहकार्य, युवा सहभागिता ओ ‘समुन्नत नेपाल, सम्मानित नेपाली’के अवधारणासम्म समेटल बा ।
पछिल्लो दुई दशकम आपन मूल उद्देश्यसे पद ओ सत्ताहे प्राथमिकता देहेल स्वीकार कर्ती गठबन्धन व्यवस्थापन, भागबन्डा, गुटबन्दी ओ लेनदेनके राजनीतिहूक्र पार्टीके नैतिक धरातल कमजोर बनल ओ भ्रष्टाचार ओ अनियमितताम आपन पक्षके व्यक्तिहे संरक्षण कर्ना प्रवृत्ति सार्वजनिक संस्थाके स्वायत्तता कमजोर बनल विषय सभापति थापाके प्रतिवेदनम उल्लेख बा । 
युवापुस्तासँग पार्टीके दूरी बढल ओ नागरिकके बदलल अपेक्षा बुझे नैसेकल आत्मसमीक्षा कर्ती दोस्रो विशेष महाधिवेशनमार्फत जनतासँग क्षमायाचना कैके पार्टी सुधारके सङ्कल्प करल फेन प्रतिवेदनम उल्लेख बा ।
अस्तके, कांग्रेसके ऐतिहासिक योगदान ओ आत्मसमीक्षा, २०८२ साल भदौ २३÷२४ के जनउभार ओ कांग्रेसके पराजय, प्रतिपक्षीय भूमिका, निर्वाचन ओ गठबन्धनबारे नयाँ नीति, कांग्रेसके वैचारिक नवीकरण, ‘समुन्नत नेपाल, सम्मानित नेपाली’, हरेक महत्वपूर्ण सरकारी ओ सार्वजनिक निर्णयम प्रश्नके जवाफ खोज्ना प्रणाली, बजेट खर्च ओ जिम्मेवार पदाधिकारीके विवरण नागरिकहूक्र प्रत्यक्ष रुपमे हेरेसेक्ना  डिजिटल प्रणाली विकास कर्ना विषय प्रतिवेदनम प्रस्ताव कर्ले बाटै ।
अर्थतन्त्र ओ निजी क्षेत्र, पूर्ववितरणात्मक न्याय, रोजगारी, बसाइँसराइ ओ जनसङ्ख्या, कृषि, उद्योग ओ उत्पादन, जलवायु परिवर्तन ओ हरित विकास, प्रविधि ओ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सामाजिक क्षेत्र, सङ्घीयता ओ संविधान, सङ्क्रमणकालीन न्याय, राष्ट्रिय स्वाधीनता ओ बदलिँदो विश्व, राष्ट्रिय मेलमिलापके नयाँ अवधारणा, सङ्गठन सुधार ओ पाँच पुस्ताके सहयात्रा, पार्टीभित्रर भ्रष्टाचार नियन्त्रण ओ आन्तरिक अनुशासन, ‘का कर्ना’ कना सार्वजनिक प्रतिबद्धता, प्रधानमन्त्रीके दुई कार्यकाल, निर्वाचन सुधार, सहिद, घाइते ओ विस्थापितके लाग अक्षयकोष, युवाके लाग विशेष व्यवस्था, ‘समुन्नति’ कार्यान्वयनके समयसीमालगायतके विषय प्रतिवेदनम समेटल बाटै । 



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