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मङ्गल, १० कात्तिक २०८३
कञ्चनपुरमे नदीया कटान रोकेलाग तटीय क्षेत्रमे वृक्षरोपण
शुक्र, ०६ कात्तिक २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 20 0

कञ्चनपुरके रु एक लाख, जनहित महाकाली वन उपभोक्ता समितिसे रु दुई लाख, नेपाल राष्ट्रिय समाज कल्याण सङ्घसे रु दुई लाख पच्चिस हजार ओ समुदायके जनश्रमदान रु ४३ हजार सहयोगमे करिब १० बिघा क्षेत्रफलमे वृक्षरोपण कर्ले बाटै । “डिभिजन वन कार्यालय ओ सामुदायिक वनके सहयोगमे वृक्षरोपण कैके संरक्षण करल बाटी ”, अध्यक्ष महता कल , “संरक्षण करल नदी बगरके घाँस बिक्री  कर्थीं ओकर कारण आम्दानीसे बोट बिरुवाके संरक्षणम खर्च हुइथ ।” उहाँके अनुसार एक भारी घाँसके १० मे बिक्री कर्ना करर्ले बाटै । ओस्तके अठन्नीफाँटाके किसानहुक्र फेन बन्द नदीके कटान रोकेलाग बन्दा नदी बगरमे दुई हजार बोटबिरुवा वृक्षरोपण कर्ले बाटै ।  विसं २०४६ मे आइल बाढीसे यहाँके चार घर विस्थापित हुइल रहे । 
यहा फेन नदीयासे हरेक वर्ष खेतीयोग्य जमिन कटान कैके यहाँसे धेउर मनै हुक्र विस्थापित हुइल यहाँके स्थानीय गणेशबहादुर बोहरा बतैल । उहाके अनुसार वडा कार्यालय, नेपाल राष्ट्रिय समाज कल्याण सङ्घ समुदायके जनश्रमदान कैके छ लाख ५३ हजारमे दुई हजार बोट बिरुवा वृक्षरोपण ओ संरक्षणके लाग तारबार कर्ले बाटै । स्थानीयहुक्र जनश्रमदानमै नदीमे जैविक तटबन्धन समेत निर्माण कर्ले बाटै । वृक्षरोपणसे बस्ती सुरक्षित हुइल यहाँके स्थानीय कलावती महरा बतैलीन् । उहाके अनुसार नदीया बगरमे बाँस, आँप ओ लिची कैके विभिन्न प्रकारके छ हजार बोट वृक्षरोपण कर्ले बाटै ।

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