राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण ओ व्यवस्थापन प्राधिकरणसे रसुवा बाढीसे हूइल क्षतिके पुनर्निर्माण ओ पुनःस्थापनाके लाग ४.७७ अर्ब अमेरिकी डलर आवश्यक पर्ना अनुमान लगाइल बाटै ।
कानुन, न्याय ओ मानव अधिकार समितिके बैठकम प्राधिकरणके कार्यकारी प्रमुख डा. धर्मराज उप्रेती उक्त जानकारी देहेल बाटै । उनके अनुसार बाढीसे ४ खर्ब ८ अर्ब रुपैयाँ बराबरके क्षति हूइल बा । उक्त क्षतिके पुनर्निर्माणके लाग ७ खर्ब २३ अर्ब रुपैयाँ आवश्यक देखाइल उहा बतैल ।
उहाके अनुसार बाढी एैना आघहे १४ सदस्यीय प्राविधिक टोली गठन कैके ड्रोनसहितके माध्यमसे क्षतिके विवरण संकलन करल रहे । टोलीहूक्रे १५ दिनम द्रुत क्षति ओ आवश्यकता आकलन (¥यापिड ड्यामेज एन्ड निड एसेसमेन्ट–आरडीएनए) प्रतिवेदन तयार करल बा । प्रतिवेदनम कृषि, वन, मत्स्य, पशुपन्छी, सडक, पुल, विद्यालय, खानेपानीलगायत विभिन्न क्षेत्रम हूइल क्षति ओ पुनःस्थापनाके लाग आवश्यक रकमके क्षेत्रगत विवरण समेटल उहा बतैल ।
प्रतिवेदन विकास साझेदार ओ अन्तर्राष्ट्रिय संघसंस्थासे प्राप्त हुइल सहयोगके लाग आधार बनल उहाके भनाइ बा । बाढी आइल सूरुके दिन म प्रधानमन्त्री विपद् कोषसे प्रभावित स्थानीय तहम १३ करोड ५० लाख रुपैयाँ पठाइल उहाँ जानकारी देल । दुई जिल्लाम एक–एक करोड ओ धादिङम ५० लाख रुपैयाँ पठाइल रहे ।
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कानुन, न्याय ओ मानवअधिकार समितिके बैठकम राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण ओ व्यवस्थापन प्राधिकरणके कार्यकारी प्रमुख डा. धर्मराज उप्रेती ।
गल्छी–देवीघाट–ढुंगे–त्रिशूली खण्डम यातायात सञ्चालन हूइल ओ विदुर–बेत्रावती खण्डके १० किलोमिटरमध्ये ९.२ किलोमिटर सडक खुलसेकल ओ बाँकी सडक खुलैना काम जारी रहल उहा बतैल ।
अस्तके, उहाके अनुसार देवीघाट, इन्द्रेणीचौर ओ स्याफ्रुबेँसीम तीनथो तुइन निर्माण करल ओ थप दुईथो तुइन सञ्चालनम लानल तयारी हूइती बा । असोजभित्रर २० थो झोलुंगे पुल मर्मत सम्पन्न कर्ना लक्ष्य बा । पाँचथो पुलके मर्मत हूइती रहल बा कलेसे बाँकी १५ पुलके मर्मतके लाग ठेक्का प्रक्रिया आघे बढाइल बाटै । आवश्यक नयाँ झोलुंगे पुलके डिजाइन ओ निर्माणके लाग फेन टेन्डर प्रक्रिया आघ बढैल उहा जानकारी देल ।
चार जिल्लाम अस्थायी आवासके आवश्यकता
प्राधिकरण नुवाकोट, रसुवा, धादिङ ओ चितवनम बाढी प्रभावित २ हजार २७ परिवारहूकन अस्थायी आवास आवश्यक परल जनाइल बाटै ।
अस्थायी आवाससम्बन्धी आवश्यकता पहिचान कर्ना करल सर्वेक्षणअनुसार ८०.६ प्रतिशत परिवार सरकारी सहयोगमार्फत अस्थायी आवासम बैठ्ना इच्छुक रहल पाइगील बा । ६६.९ प्रतिशत परिवार भाडाम बैठ्ना समेत तयार रहल पाइल उहा बतैल ।
अस्थायी संरचना निर्माणके लाग आपन जग्गा रहल परिवारके संख्या २५.३ प्रतिशत किल रहल उहाके भनाइ बातिन् । बाढी प्रभावित क्षेत्रबाहेर वैकल्पिक घर हूइल परिवार ८ प्रतिशत किल बाटै । सर्वेक्षणम ३ से ६ सदस्य हूइल परिवार ७४.६ प्रतिशत रहल पाइगी बा । सोही आधारम अस्थायी आवासके डिजाइन करेपर्ना प्राधिकरणके भनाइ बा ।
बाढी प्रभावित क्षेत्रम ३५ थो अस्थायी सिकाइ केन्द्र ओ कक्षाकोठा स्थापना करल उप्रेतीे जानकारी देहेल बाटै ।