धनगढीः सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके चालु आर्थिक वर्षके बजेटउपर संसदीय छानबिन कर्ना सहमति हुइल दुई साता पुगे लग्लसे से फेन लाग्दा समिति गठन हुइ नै सेकल हो । बजेटमे देखाइल बेथिति छानबिन कैके प्रतिवेदनके आधारमे पूरक बजेट लन्ना सहमति होके फेन समिति गठन प्रक्रिया आघ बढे नैसेकल हो ।
२७ असोजमे प्रदेशसभासे बजेट पारित कैके बजेटउपर छानबिन कर्ना सहमति हुइल रहे । ओकरक्रममे सभामुख भीमबहादुर भण्डारी प्रदेशसभा बैठकमै कात्तिक २० गतेभित्रर प्रतिवेदन बुझैना कैके दलीय प्रतिनिधित्वके आधारमे सात सदस्यीय संसदीय छानबिन समिति गठन कर्ना घोषणा कर्ले रहित ।
तर, प्रतिवेदन बुझैना समयसीमा लग्घे लग्घे एैना क्रममे फेन समिति गठन हुइ नैसेकल हो । प्रतिवेदन बुझैना अब दुई सातासे कम समय बाँकी रहँके छानबिन प्रक्रिया अन्योलमे परल बा ।
बजेटमे देखाइल बेथिति छानबिन कर्ना सहमतिपाछे किल सत्तारुढ नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के प्रदेशसभा सदस्यहुक्र बजेट पारित कर्ना तयार हुइल रहित ।
बजेट पारित कर्ना आघे बैठल नेकपा संसदीय दलके बैठकसे तीन महिनासे बजेट शून्यताके अवस्था अन्त्य कर्ना बजेट पारित कर्ना ओ ओम्ने देखाइल बेथिति छानबिनमार्फत हटैना निर्णय करल रहे । उक्त निर्णयमे सत्ता साझेदार नेकपा एमाले फेन सहमत हुइल रहे ।
आर्थिक वर्ष सुरु हुइल ८५ दिनपाछे सार्वजनिक हुइल सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके आर्थिक वर्ष २०८३÷८४ के बजेटहे लेके सत्तारुढ दलभित्रर विवाद मचल रहे । बजेट निर्माणमे बिचौलियाके प्रभाव परल, कमिसनके खेल हुइल ओ पहुँचके आधारमे योजना छनोट करल कैके आरोप लागल पाछे सरकारके बजेट विवादमे तानल रहे ।
आर्थिक मामिलामन्त्री चक्रबहादुर मल्ल प्रदेशसभामे ३७ अर्ब ७० करोड रुपैयाँके बजेट प्रस्तुत करल रहे । बजेटमे उठल प्रश्न ओ अनियमिततासम्बन्धी आरोप मन्त्री मल्ल फेन स्वीकार कैसेकल बाटै ।