भारतीय बजारम चिनीके मूल्य बहर्क ओकर प्रत्यक्ष असर सुदूरपश्चिमके उपभोक्ताम परल बा । भारतसे प्रतिकिलो ९० रुपैयाँम आयात हुइती आइल चिनी आब १३० रुपैयाँसे उपर पुगल व्यवसायी ओ उपभोक्तहूक्र बताइल बाट ।
भारतसे एैना चिनी महँगो होके कञ्चनपुर ओ कैलालीम उत्पादित स्वदेशी चिनीके माग बढलागल बा । तर, स्थानीय उत्पादनम मागअनुसार बजार पैनैसेक्के अभिन् फेन भारतसे चिनी आयात करपर्ना बाध्यता रहल व्यवसायीहूक्र बताइल बाट ।
बेलौरी नगरपालिका–३ के स्थानीय जग्गुराम डगौरा पहिल प्रतिकिलो ९० रुपैयाँम खरिद कर्ती आइल चिनी आब १३० रुपैयाँसम्म तिरपर्ना गुनासो कर्ल बाट । स्थानीय लोकचन्द्र चौधरीके अनुसार चिनीके मूल्य करिब ४० रुपैयाँ बहर्क उपभोगसमेत घटैपर्ना अवस्था आइल बा ।
कञ्चनपुरम सञ्चालित चिनी उद्योगहूक्र समेत कच्चा पदार्थके अभाव ओ उत्पादन लागत बढ्ना के कारण भारतीय चिनीसे सस्तोम चिनी उपलब्ध कराइलाग कठिनाइ हूइती रहल बताइल बाट । उपभोक्ताहूक्र कल स्थानीय उद्योगसे सहज मूल्य निर्धारण कैके पर्याप्त चिनी बजारम उपलब्ध करपर्ना माग करल बाट ।
कञ्चनपुर ओ कैलालीके उपभोक्ता लम्मा समयसे चिनीके लाग भारतीय बजारम निर्भर रहती आइल बा । तर, भारतीय बजारम चिनी महँगो होक स्थानीय उत्पादनह बजार पैना सम्भावना बढल व्यवसायीहूकन के भनाइ बाटीन्।
यहे वर्ष महाकाली चिनी मिलम एक लाख आठ हजार क्विन्टल चिनी उत्पादन कर्ना लक्ष्य रहल हालसम्म करिब एक लाख २३ हजार क्विन्टल चिनी बिक्री होसेकल जनाइल बाट । भागेश्वर चिनी मिल फेन स्थानीय बजारम पर्याप्त माग नैपाके सुदूरपश्चिमके पहाडी जिल्लाके सँग पूर्वी जिल्लातर्फ चिनी पठैती आइल जनाइल बाट ।
उद्योगीहूकनके अनुसार उखुके पर्याप्त आपूर्ति नैहोके चिनी उत्पादनम बहर्ना समस्या हूइल बा । उत्पादन बढसेक्ना स्थानीय बजारमै पर्याप्त चिनी उपलब्ध कराइ सेक्ना उहाहूकन के भनाइ बातीन् ।
भारतम चिनीके मूल्य बढसेक्ना स्थानीय उत्पादनके माग बढ्ले से फेन भारतसे चिनी आयात कर्ना प्रवृत्ति कायमै रहल स्वदेशी उत्पादनहे प्राथमिकता देहेपर्ना आवश्यकता देखाइल बा । स्थानीय उद्योगहे कच्चा पदार्थ, बजार ओ उचित मूल्यके सुनिश्चितता करे सेक्लसे उपभोक्ताहूकन समेत राहत पुग्ना अपेक्षा कर्ल बाट ।