logo
शुक्र, २६ भदौ २०८३
भारतीय बजारम चिनी महँगोहूइलके कारण स्वदेशी चिनीके माग बढल
बुध, ०९ पुस २०२६ | थारु टीभी संवाददाता 14 0

भारतीय बजारम चिनीके मूल्य बहर्क ओकर प्रत्यक्ष असर सुदूरपश्चिमके उपभोक्ताम परल बा । भारतसे प्रतिकिलो ९० रुपैयाँम आयात हुइती आइल चिनी आब १३० रुपैयाँसे उपर पुगल व्यवसायी ओ उपभोक्तहूक्र बताइल बाट ।
‎भारतसे एैना चिनी महँगो होके कञ्चनपुर ओ कैलालीम उत्पादित स्वदेशी चिनीके माग बढलागल बा । तर, स्थानीय उत्पादनम मागअनुसार बजार पैनैसेक्के अभिन् फेन भारतसे चिनी आयात करपर्ना बाध्यता रहल व्यवसायीहूक्र बताइल बाट ।
‎बेलौरी नगरपालिका–३ के स्थानीय जग्गुराम डगौरा पहिल प्रतिकिलो ९० रुपैयाँम खरिद कर्ती आइल चिनी आब १३० रुपैयाँसम्म तिरपर्ना गुनासो कर्ल बाट । स्थानीय लोकचन्द्र चौधरीके अनुसार चिनीके मूल्य करिब ४० रुपैयाँ बहर्क उपभोगसमेत घटैपर्ना अवस्था आइल बा ।
‎कञ्चनपुरम सञ्चालित चिनी उद्योगहूक्र समेत कच्चा पदार्थके अभाव ओ उत्पादन लागत बढ्ना के कारण भारतीय चिनीसे सस्तोम चिनी उपलब्ध कराइलाग कठिनाइ हूइती रहल बताइल बाट । उपभोक्ताहूक्र कल स्थानीय उद्योगसे सहज मूल्य निर्धारण कैके पर्याप्त चिनी बजारम उपलब्ध करपर्ना माग करल बाट । 
‎कञ्चनपुर ओ कैलालीके उपभोक्ता लम्मा समयसे चिनीके लाग भारतीय बजारम निर्भर रहती आइल बा । तर, भारतीय बजारम चिनी महँगो होक स्थानीय उत्पादनह बजार पैना सम्भावना बढल व्यवसायीहूकन के भनाइ बाटीन्।
‎यहे वर्ष महाकाली चिनी मिलम एक लाख आठ हजार क्विन्टल चिनी उत्पादन कर्ना लक्ष्य रहल हालसम्म करिब एक लाख २३ हजार क्विन्टल चिनी बिक्री होसेकल जनाइल बाट । भागेश्वर चिनी मिल फेन स्थानीय बजारम पर्याप्त माग नैपाके सुदूरपश्चिमके पहाडी जिल्लाके सँग पूर्वी जिल्लातर्फ चिनी पठैती आइल जनाइल बाट । 
‎उद्योगीहूकनके अनुसार उखुके पर्याप्त आपूर्ति नैहोके चिनी उत्पादनम बहर्ना समस्या हूइल बा । उत्पादन बढसेक्ना स्थानीय बजारमै पर्याप्त चिनी उपलब्ध कराइ सेक्ना उहाहूकन के भनाइ बातीन् ।
‎भारतम चिनीके मूल्य बढसेक्ना स्थानीय उत्पादनके माग बढ्ले से फेन भारतसे चिनी आयात कर्ना प्रवृत्ति कायमै रहल स्वदेशी उत्पादनहे प्राथमिकता देहेपर्ना आवश्यकता देखाइल बा । स्थानीय उद्योगहे कच्चा पदार्थ, बजार ओ उचित मूल्यके सुनिश्चितता करे सेक्लसे  उपभोक्ताहूकन समेत राहत पुग्ना अपेक्षा कर्ल बाट । 






Share :
Shares: 0