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मङ्गल, १० कात्तिक २०८३
कैलाली ओ कञ्चनपुरके किसान धानबाली भित्र्याइतै
आइत, २५ असोज २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 42 0

धनगढी ः कैलाली ओ कञ्नपुर के किसानहुक्र अत्राबेर खेतबारीमे पाकल धानबाली भित्र्याइना मे लागल बाटै । 
कुछ दिनआघे वर्षासँगे आइल हावाहुरीके कारण कौनो ठाउँ किसानके खेत्वामे काटल धानबाली पानीसे भिज्के  धान ढलल बा । किसानहुकन पानीले क्षति हुइल धानबाली स्याहार्ना समस्या हुइल रहिन् । 
मौसम फेरबदल के कारण पाकल धानबाली कट्ना ओ भित्र्याइना असहज हुइल रहे । तर कालओआज घामलग्नासँगे खेत्वामे पाकल धानबाली  भित्र्याइलाग किसानहुक्र लागल बाटै । 
धनगढी उपमहानगरपालिका–३ बडहराके किसान भगतराम चौधरी आजकाल धान कटाइमे व्यस्त रहल बतैल । खेती किसानीसे खैनालगैनासहित घर खर्च चलैती  आइल उहा खेतमे धान लटरम्म पाक्के झर्ना अवस्थामे पुगल आप्नहफे वर्षभरिके लाग खर्च चलाके खैना अन्न विग्रना कैके चिन्ता व्यक्त कर्ल बाटै  ।
“ आज काल सबजे घरके सब काम छोड्के खेतमै ज्यादा समय बितैना करल बाटै ।”, चौधरीे कल, “अन्धार हुइना समयसम्म खेतमै रहथी ओ बिहानी उठके खेत्वम जैठी ।” महान चाड बडादशैँ लग्घ एैता कैके काम ओराके पर्व मनैना उद्देश्यले किसानके व्यस्तता बढल देखाइत । 
खेत्वमे धान काट्ती करल औरे किसान सुकराम चौधरीे फेन खेत्वामे काटल धान थ्रेसन लगैलाग  पाला लागे परल बतैल । हातले धान काट्ना ओ धानके मुठा सपत्के परम्परागत तरिकाले धान भित्र्याइना करल किसानहुक्र आबे आधुनिक उपकरण प्रयोग करल बाटै  । किसानहुक्र पहिल एक औैरे जहुन पालोपालो कर्ती  हातले धान कट्ना, सप्तना ओ भित्रैना करल आजकाल यी परम्परा विस्थापित हुइ लागल बाटै ।
नेपालीहुकनके महान पर्व बडादसैँ आजसे सुरु होगील बा । दसैँके दशमी तिथि एैना कुछ दिनकिल बाँकी बा । हलिहलि धानबाली भित्र्याके पर्व मनैना मनसायके साथ किसानहुक्र धानबाली भित्र्याइना आआपन खेत्वामे छोतीसे भारी घरपरिवारके सब सदस्य जुटल देखाइत । कम खेत्वा हुइना किसानहुक्र थ्रेसर गलगाके धान घरमै भित्र्यासेकल बाटै । किसानके खेत्वामे यहे वर्ष सर्जु, मन्सुली, भालेमन्सुली, राधा–४ लगायत विभिन्न उन्नत धानके जात ज्यादा मात्रामे देखाइत  । 
 



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