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बुध, ११ कात्तिक २०८३
शनिबारीय उद्यम बजारसे बदलल कविताके जीवन, अचार व्यवसायसे वार्षिक १० लाखके कारोबार
आइत, १८ असोज २०८३ | थारु टीभी संवाददाता 52 0

धनगढी उपमहानगरपालिका–५ तारानगरके कविता पन्तके लाग शनिबारीय महिला उद्यम बजार केवल आपन उत्पादन बिक्री कर्ना ठाउँ किल नैबनल , व्यवसाय विस्तार कर्ना महत्वपूर्ण माध्यम फेन बनल ।
तीन वर्षआघ उद्यम बजारम स्टल धर्के अचार बिक्री कर्ना लागल कविता आब आपन व्यवसाय स्थापना कैके वार्षिक करिब १० लाख रुपैयाँके कारोबार कर्ती आइल बाट ।
कविता यकरआघ घरम मासुके अचार बनाके बिक्री कर्ती आइल रहिन् । ग्राहकसे अचारके स्वाद ओ गुणस्तरबारे सकारात्मक प्रतिक्रिया पाके उहाहूकिन् व्यवसायहे थप विस्तार कर्ना हौसला मिलल । धनगढी उपमहानगरपालिका शनिबारीय महिला उद्यम बजार सञ्चालन कैके  उहा व्यवसाय बजारीकरणके अवसर पैलिन् ।

प्राइभेट संस्थाम कार्यरत कविता उद्यम बजारसे प्रेरित होके नोकरी छोड्के पूर्णरूपम अचार ओ खाद्य सामग्री उत्पादनम लागल बाटिन् । उहा आपन व्यवसायहे ‘पोषिलो सुत्केरी मसाला ओ अचार उद्योग’ के नामम दर्ता करल बाटिन् । 
भान्साम विभिन्न परिकार बनैना रुचि धर्ना कविता आब विभिन्न प्रकारके अचार उत्पादन कर्थिन । मासुके अचारसँगे मुला, तामा लगायतके अचार उहा उत्पादनम बाटिन् । बालबालिकाके लाग लिटो, लड्डु ओ सुत्केरी महिलाके लाग आवश्यक पोषणयुक्त मसाला फेन उहा उत्पादन कर्ती आइल बाटिन् । 
घरमै आवश्यक मेसिन जडान कैके उहा अचार ओ अन्य खाद्य सामग्री उत्पादन कर्ती आइल बाटिन् । आपन उत्पादनह सामाजिक सञ्जालमार्फत बजारीकरण कर्ना उहा आप्नेही सक्रिय बाटिन् । फेसबुक ओ टिकटकम उत्पादनके प्रचार कर्ती आइल  कविता ग्राहकके सहजताके लाग धनगढीम निःशुल्क होम डेलिभरीके व्यवस्था करल बाटिन् । 
उहाके उत्पादन धनगढीम किल सीमित नैहोके । नेपालके विभिन्न ठाउँसे माग एैना करल उहा बतैलिन् । पसल ओ मार्टम समेत आपन् उत्पादन धर्के बिक्री वितरण कर्ति आइल बाटिन् ।  
व्यवसाय विस्तारसँे कविता आप्नह किल उद्यमी बनल नैहूइतीन् । अन्य कूछ महिलाहूकन समेत रोजगारी देहेल बाटिन् । श्रीमान फेन व्यवसायम सहयोग कर्ती आइल बाटिन् । उत्पादन ओ बजारीकरणम मजा सम्भावना देखल पाछे उहा समय–समयम अचार बनैना तालिमसमेत देती आइल बाटिन् । 
उद्यम बजारसे आपन् उत्पादनहे ग्राहकसम्म पुगैना महत्वपूर्ण भूमिका खेलल कविता बताइल बातिन् । उत्पादन हूइलेसे फेन् बजारीकरणके समस्या झेल्ती रहल महिला उद्यमीके लाग असिन् बजार प्रभावकारी हुइना उहाके अनुभव बा ।


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